Saturday, 19 November 2016

जब माली को आते देखा

जब माली को आते देखा

जब माली को देखा आते
पौधे खुशी मनाते
पहले दिन के अपने 
सुख दुख हैं बतलाते 
तितली आई भंवरा आया
मकड़ी ने है जाल लगाया
कुछ सुंडी ने पत्ते खाये
अधिक धूप से कुछ मुरझाये
पीले पत्ते टूट गये हैं 
कुछ डाली पर छूट गये हैं 
माली ने उनको सहलाया
पानी उनको खूब पिलाया
सूखा पत्ता दूर हटाया
फव्वारे से खूअ नहलाया
जरा देर में लगे किलकने
 झूम झूम कर लगे चहकने 
माली काका कल भी आना
कल छोटी सी डलिया लाना
फूलों का देंगे उपहार 
हम तुमको करते हैं प्यार।

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