Saturday, 4 July 2020

चुन्नू मुन्नू




ऊधमी चुन्नू मुन्नू



चुन्नू मुन्नू दोनों चुहे

ऊधम बहुत मचाते

कुतर कुतर कर कागज कपड़ा

फिरते थे इठलाते

इक दिन देखा लाला के घर

रोटी दाल पकाते

तब दोनों के मन में आया

खाना चलो बनाते

मोदी लाला की दुकान से

आटा दाल चुराया

एक पेड़ के नीचे जाकर

 चूल्हा एक जलाया

मिट्टी के कुल्हड़ में भरकर

बड़ी चटपटी दाल बनाई

रोटी बेली गोल गोल

और बड़े मजे से उसे फुलाई

एक फूल कर गेंद बनी

एक रह गई चपटी चपटी,

फूली पर जीभ दोनों की

खाने को थी रपटी








Friday, 3 July 2020

कहाँ जा रहे बादल भैया

कहाॅं जा रहे बादल भैया

कहाॅं जा रहे बादल भैया
मुझको जरा बताओ ,
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इतनी जल्दी क्या है तुमको
तनिक देर रुक जाओ ।
थोड़ा सा पानी ,खेतांें को
थोड़ा सा पेड़ांें को
कुछ पानी तालों को देदो
 कुछ पानी मेड़ों को
भारी भारी लाद पोटली
क्यों भागे जाते हो
पौधे सारे सूख रहे हैं
इनको क्यों तरसाते हो ।
नदिया हो गई दुबली दुबली
प्यासी सूख रहीं हैं,
तुमको पानी लाते देखा
मन तें हूक रही हैं
क्रते हो कल्याण जगत काFree Free Cloud Clipart, Download Free Clip Art, Free Clip Art on ...
निर्भर तुम पर सब प्राणी
तुमसे ही है भरा समंदर
धरती की चूनर धानी ।

Thursday, 2 July 2020

वीर बालक दुर्गा दास राठोर

दुर्गादास राठौर
जोधपुर नरेश यशवंत सिंह जी को सूचना मिली कि उनकी एक ऊँटनी का वध एक किसान के लड़के ने कर दिया है। महाराजा ने किसान को पकड़ बुलाया। किसान महाराजा का क्रोध देख थर थर काॅपने लगा और अपने बारह वर्ष के बालक को आगे करके बोला महाराज अपराध इस बालक से हो गया है।
महाराज ने क्रोध से डाॅटकर लड़के से पूछा तुमने ऊँटनी को मारा। बालक की भवें सिकुड़ी और निर्भीकता से बोला,‘ हाँ महाराज मैने ऊँटनी को मारा पर क्या करता मैं अपने खेत की रक्षा कर रहा था। आपका ऊँटों का रखवाला खेत की तरफ से ऊँटनियाँ लाने लगा मैंने मना किया लेकिन चरवाहे ने ध्यान नही दिया। हूजुर अगर हमारा खेत नष्ट हो जाता तो हम खाते क्या? इसलिये जैसे ही ऊँटनी ने खेत में मुँह डाला मैने उसका सिर धड़ से अलग कर दिया यह देखकर दूसरी ऊँटनियाँ लेकर रक्षक आपके पास आ गया।’
महाराज ने बालक की ओर देखा उन्हें विश्वास नही हुआ कि इतना छोटा सा बालक ऊँटनी मार सकता है उन्होनें पूछा ,‘तुमने ऊँटनी मारी कैसे?’
बालक ने इधर उधर देखा एक परबालिया ऊँट सामने से जा रहा था। वह उस ऊँट के पास गया और कमर से तलवार खीचकर उसने ऐसा हाथ मारा कि ऊँट की गर्दन एक बार में ही कट गई। उसका सिर गिर पड़ा। महाराज बालक की वीरता और निर्भीकता से दंग रह गये उसे उन्होनें अपने पास रख लिया और उसे युद्ध की अस्त्र शस्त्र की और शास्त्रों की शिक्षा दिलवाई। यही बालक इतिहास प्रसिद्ध वीर दुर्गादास हुए जिन्होनें औरंगजेब से यशंवत सिंह की रानी और राजकुमार अजीत सिंह की रक्षा की।

Wednesday, 1 July 2020

फल मंडी मैं आये


गरमी के आने के संग संग

फल मंडी में आये

खट्टे मीठे रंग बिरंगे

मन को बहुत लुभाये ।

लाल टमाटर खीरा फालसा

लगे ठेल पर आने

कले काले जामुन खिरनी

खुद को लगे सजाने ।

तरह तरह के पीले पीले

आम बहुत ललचाते

तरबूजा खरबूजा खाकर

तृप्त बहुत हो जाते ।

सब फल होते ठंडे ठंडे

करते हमको कूल कूल

कहते खाकर तर हो जाओ

गरमी को तुम जाओ भूल ।


जुगनू


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Monday, 29 June 2020

छोटा सा मैं दाना

छोटा सा दाना


छोटा सा मैं दाना
अदभुत् छिपा खजानाTrees and plants images free stock photos download (17,468 Free ...
मिट्टी में तुम मुझे दबाना
पानी मुझको जरा पिलाना,
Trees and plants images free stock photos download (17,468 Free ...दो छोटी छोटी कोपल
मिट्टी से निकलेंगी कोमल,
धीरे धीरे पौधा बनकर
बनूॅं पेड़ मैं जल्दी बढ़कर
ठंडी ठंडी हवा चलेगी
म्ेारी डाली खूब हिलेगी
प्ंाखा तुम पर खूब झलेगी
त्ुामको गर्मी नहीं लगेगी,
खाने को मीठे फल देता
बिना धरौंदे पंछी सोता
 तुम से कभी न कुछ भी लेता
बस सबको देता ही देता ।
बरषा का जल रखूं बचाकर,
खतम करो मत मुझे काटकर ,
काट काट कर मुझे जलाकर
नहीं बढ़ाते मुझे लगाकरTrees and plants images free stock photos download (17,468 Free ...
हम धरती को हरी बनाते,
समझ नहीं क्यों इतना पाते
धरती को क्यों नहीं बचाते
अपने को हो आप मिटाते।




Monday, 9 March 2020

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