शर्त लगाइये और जीतिए
किसी भी विषय मे आप सुनिश्चित होते हैं जरा सा भी विवाद होने पर झट आपके मुँह से निकलता है कि आओ शर्त लगाएं, पर कभी कभी आप भ्रम में होते है और हर जाते है क्यों न शर्त ऐसी चीजों पर लगाई जाय जिसमें हार संभव ही न हो। तो आजमाइये नµ
1. व्यक्ति को कुर्सी पर इस प्रकार बैठाइये कि धड़ सीधा हो और पैर सीधे जमीन पर हो कुर्सी में नीचे न मुड़े हो। अब खड़े होने के लिये कहे, शर्त है पैरो की स्थिति न बदले और धड़ आगे न झुके। हाथ भी आधार नही लेने चाहिये। जीत आपकी है, व्यक्ति तब तक खड़ा नही हो सकता, जब तक पैरो की कुर्सी के नीचे नहीं मोड़ता या धड़ आगे नही झुकाता।
2. दाँया पैर और दाँया हाथ दीवार से सटा कर बाँया पैर और बाँया हाथ उठाने के लिये कहिये शर्त यह है दाँया हाथ दाँया पैर सीधा रहे और दीवार का सहारा न ले। जीत आपकी है बिना टिकाए बाँया पैर उठने से इंकार कर देगा।
3. आंख पर पट्टी बांध कर सीधा चल सकते है। हाँ हाँ क्यों नही शर्त लगाइये। बिलकुल सीधा कभी नही चल पायेगा क्योंकि हमारे बाँये हिस्से का वजन अधिक होता है, और व्यक्ति स्वाभाविक रूप से गोल घेरे में चलेगा।
4. चार ब्रेड पीस खा सकते है? व्यक्ति हंस पड़ेगा। चार ब्रैड मामूली बात है शर्त लगाइये लेकिन शर्त यह होगी, उसके साथ नमक या पानी का एक घूंट भी नही मिलेगा। रूखे ब्रैड पीस खाने होगे सिके भी नही। यानी बै्रड खोलिये और उस व्यक्ति को पकड़ा दीजिये दो भी नही खा सकेगा, क्योंकि मुँह की लार गं्रथियाँ इतना लार नही बना पायेगी और बै्रड गटकी नही जा सकेगी। जीत आपकी होगी।
आजमा कर देखिये हमेशा मुस्करायेंगे रोना न पड़ेगा।
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