अदभुत बांसुरी
एक समय की बात है किसी गांव में एक बहुत मेहनती और धनी किसान रहता था लेकिन अपना कहने के नाम पर उसके पास केवल एक कुत्ता और एक बांसुरी थी जिस पर वह अदभुत संगीत बजाया करता था।
सारा दिन खेत में मेहनत करने के बाद जब वह बांसुरी होठों पर लगाकर धुन निकालता तो सारा वातावरण अदभुत संगीत से भर जाता । उसकी धुन सुनकर चिड़ियाऐं जानवर आदमी सब खिंचे चले आते । सबको उस बांसुरी वाले से बहुत प्यार था ।
गांव के धनी जमींदार की लड़कियां चाहती थीं कि बांसुरीवाला उनसे षादी करले लेकिन बांसुरी वाला जब देखता कि उन लड़कियों को मेहनत करने की जरा भी आदत नहीं है तो वह उनसे बात भी करना पसंद नहीं करता। एक दिन चिढ़कर उन लड़कियों ने उसे एक गहरे गड्डे में धक्का दे दिया । लड़का कुछ देर के लिये बेहोष हो गया। होष में आने पर उसने गड्डे में से निकलने की कोषिष की। उसका कुत्ता जोर जोर से भौंक रहा था।
‘ मेरी बांसुरी दो ’ लड़के ने कुत्ते से कहा । बांसुरी मिलने पर लड़के ने उसे बजाना ष्षुरू किया। कुछ बंदर पास ही संगीत सुनने के लिये गड्डे के चारो ओर एकत्रित हो गये। पर लड़के को गड्डे से बाहर निकलने में असहाय देख पास ही खड़े वृक्ष की डाली गड्डे में झुका दी जिसे पकड़ कर वह बाहर आ गया।
जब लड़कियों ने उसे सही सलामत देखा तो खिसियाकर उसे खाई में धक्का दे दिया। खाई बहुत गहरी थी लेकिन लड़के का ष्षरीर मजबूत था उस पर वह लताओं पर गिरा ,वह बच गया। कंद मूल खा खा कर किसी तरह कई दिन में वह बाहर आया। वह काफी कमजोर हो गया था। उसके बाल बढ़ गये थे। चलते चलते वह एक धान के खेत में पहुंचा। उस खेत में दो बहनें धान की रखवाली कर रही थीं। बड़ी बहन उसको देखकर भय से चीख कर भागी और षिकारियों को आवाज लगाने लगी ,लेकिन छोटी बहन को युवक की दीन दषा देख दया आई उसने उसे आगे बढ़कर सहारा दिया,
‘ लगता है तुम भूखे प्यासे हो’ यह कहकर उसने अपने हिस्से का खाना उसके सामने रख दिया। बड़ी बहन को छोटी बहन का व्यवहार जरा भी अच्छा नहीं लगा वह उसे क्रोध भरी निगाह से देख रही थी। खा पीकर जब लड़का तृप्त हुआ तो उसने सिर काढ़ने के लिये कंधा मांगा। बड़ी बहन बोली ,‘ हां कुछ देर में कहना कपड़े देदो ।’
लेकिन छोटी बहन ने उसे कंधा लाकर दिया। अब युवक ने मुंह धोया सिर काढ़ा फिर कमर में बंधी बांसुरी निकाल कर बजाना प्रारम्भ किया तो बड़ी बहन मुग्ध हो उठी। लड़कियों के पिता को युवक बहुत अच्छा लगा । उसने उससे अनुरोध किया कि वह उसकी किसी लड़की से ष्षादी कर वहीं रहे। इसके लिये पिता ने दोनों लड़कियों से छोटे छोटे घर बनाने के लिये कहा । पिता ने देखा कि युवक छोटी बहन की घर बनाने में सहायता कर रहा है उसने उसी के साथ उसकी षादी कर दी ।
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