Thursday, 31 July 2025

teli ka bail

 तेली का बैल

बहुत दिन पहले एक गाँव में एक मेहनती तेली रहता था। उसके पास तेल निकालने के लिये कोई भी बैल नहीं था इसलिये वह खुद ही तेल पिराता था। धीरे धीरे मेहनत कर उसने पैसा बचा लिया कि वह एक बैल खरीद सके। फिर अपना मकान बनवा लिया और एक जोड़ी बैल खरीद लिया और गाँव के धनी मानी व्यक्तियों में माना जाने लगा।

एक दिन उसकी जोड़ी का एक बैल मर गया। तेली को बहुत दुख हुआ। उसने एक नया बैल खरीद कर उस पुराने बैल के साथ बांध दिया। एक रात गाँव का एक व्यक्ति उधर से निकला, उसने दोनों बैलों को बात करते सुना। नया बैल कह रहा था,‘ मित्र तुम इस घर में पहले आये हो, मालिक का व्यवहार कैसा है।’

‘मुझसे क्यों पूछते हो?’ दूसरे ने कहा।

‘क्यांेकि तुम्हारे कंधे पर हल के चिन्ह हैं।’

‘मालिक चाहे अच्छा व्यवहार करे, चाहे बुरा मैं मालिक का कर्जदार हूँ, अभी मुझे मालिक के पांच हजार रुपये देने हैं। उनके मिलते ही मैं चला जाऊँगा।’

‘ तुम इतने रुपये कैसे चुकाओग’े?’

‘अगर पांच हजार रुपये पर मुझे राजा ने हाथी से लड़वाने को तैयार हो जाये तो जीत जाऊँगा मालिक को पांच हजार रुपये मिल जायेंगे और मेरा कर्ज उतर जायेगा। अगर ऐसा नहीं होता हे तो मुझे सारी जिन्दगी उनकी सेवा करनी पड़ेगी। अब अपनी बताओ तुम कितने दिन यहाँ रहोगे?’

‘मैं तो दो साल तक यहाँ काम करुंगा मेरा कर्ज चुक जायेगा।’

आश्चर्यचकित वह व्यक्ति तेली के पास आया और उसे सब बातें बताई। दूसरे दिन सारे गाँव को इस बात की सूचना मिल गई। अब सबने तेली पर दबाब डाला कि बैल को हाथी से लड़वाये। पर तेली बहुत डर रहा था कि राजा कहीं गुस्सा होकर देश निकाला न दे दे। गाँव के मुखिया ने इसकी जिम्मेदारी ली। मुखिया बोला यदि बैल जीत गया तो राजा से पांच हजार रुपये मिल ही जायेगे यदि हार गया तो कह देंगे तेली पागल हो गया है।

तेली और गाँव का एक अन्य व्यक्ति राजा के पास गये और तेली के बैल व हाथी की लड़ाई के लिये चुनौती दी। राजा बैल और हाथी की लड़ाई की सुनकर बहुत खुश हुआ। सारे शहर में मुनादी करा दी गई। निश्चित दिन भारी भीड़ इस अनोखी लड़ाई को देखने एकत्रित हो गई। 

प्रतियोगिता के दिन किसान ने बैल की खूब मालिश की और बढ़िया खाना खिलाया, उसके सींगों पर तेल लगाया। गले में घंटी बांधी और उसे खूब प्यार किया।

सब गाँव वाले और तेली पांच हजार रुपये लेकर राजा के पास पहुँचे। राजा मुस्करा रहा था कि दो मिनट में हाथी बैल को पछाड़ देगा। राजा का हाथी घंटा लटकाये सूंड पर चित्रकारी किये हुए लाया गया। फुंफकारते हुए बैल ने तेजी से दौड़कर हाथी के पेट में सींग घुसा दिये। राजा का हाथी दर्द से चिंघाड़ता भाग गया। तेली को पांच हजार रुपये दिय गये। उसी समय बैल ने तेली के सामने सिर झुकाया और एक तरफ चल दिया।



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