चतुर हसन
बहुत दिन पहले की बात है एक बहुत ही क्रूर सुल्तान था उसके सात बेटे थे। एक गरीब भाई था जिसके सात लड़कियाँ थी। गरीब भाई प्रतिदिन सुबह आकर भाई की कोर्निश बजाता और कहता सात पूतों के पिता सदा आबाद रहो और सुल्तान जबाब देता शांति मिले सात खैरातों के पिता। एक दिन गरीब भाई को किसी प्रकार का काम नही मिला उसने अपनी एक पुत्री सुल्तान के पास भेजी। लड़की सुल्तान से बोली मेरे पिता आज अपनी बीमारी की बजह से नही मिल पायेगें आज वे कुछ कमा कर भी नही ला पाये हैं क्या आप कुछ सहायता करेगें?
सुल्तान ने कहा ,‘जाओ भंडार से ज्वार ले जाओ। ’दूसरे दिन जब गरीब भाई सुल्तान से मिलने गया सुल्तान ने कहा ,‘मैने तुम्हारा पालन पोषण आदि किया तुम बदले में मुझे ऐसा पानी लाकर दो जो न कुऐं का हो न नदी का न वर्षा का नही तो मैं तुम्हारा सिर उड़ा दूँगा।’
गरीब भाई रोता हुआ घर आया पुत्रियों को बताया सबसे छोटी पुत्री बोली,‘ पिताजी जरा भी परेशान न होईये मैं वह पानी दूँगी।’ उसने माँ और बहनों से नहाने के लिये कहा नहाकर उसने उन्हें आग के चारों ओर बैठा दिया । गर्मी से पसीना बह उठा । उसे ऊँट की खाल की बोतल में भर कर पिता को सुल्तान के पास ले जाने के लिये दे दिया।
गरीब भाई ने सुल्तान को पानी दिया और कैसे एकत्रित किया यह भी बताया। तब सुल्तान बोला
‘मुझे ऐसा दूध लाकर दो जो किसी जानवर या महिला का न हो।’
गरीब भाई फिर उदास होकर घर आया छोटी पुत्री सुनकर हँसी और बोली,‘ पिताजी यह तो बहुत सरल कार्य है आप क्यांे परेशान होते हो। ’वह सब बहनों को लेकर ंजगल में गई वहाँ कई वृक्षों की डाली तोड़ने पर दूध निकलता था उसे एकत्रित किया और पिता को लाकर दिया और कहा ,‘पिताजी ऐसे तो सुल्तान आपको परेशान करता रहेगा। आप आज सभा में पूछना कौन ज्यादा अच्छा है सात पुत्र या पुत्रियाँ? वे यही कहेगें कि सात पुत्रियाँ पुत्रों के नाखून के बराबर भी नहीं तो आप कहना ऐसी बात है तो आप अपने सब से बड़े सबसे बहादुर बेटे को लायें मैं अपनी सबसे छोटी बेटी को लाऊँगा दोनों को कुछ रूपया देना । दोनों उनसे व्यापार करके लाये ,अगर मेरी बेटी आपके बेटे से कम पैसे कमा कर लाये तो उसका सिर काट लेना अगर मेरी बेटी ज्यादा कमा कर लाती है तो तुम्हारे पुत्र के साथ मेरी जो इच्छा होगी करूँगा। ’
गरीब भाई ने लड़की के कहे अनुसार भरी सभा में बात दोहराई ।सुल्तान तैयार हो गया। सुल्तान का बड़ा पुत्र और गरीब भाई की पुत्री आई उन्हें एक एक घोड़ा तलवार और थोड़ा रूपया देकर भेज दिया। जैसे ही दोनों बाहर निकले राजा के पुत्र ने लड़की को फातिमा कहकर पुकारा तो पुत्री ने क्रोध से कहा,‘ खबरदार अब से मुझे केवल चतुर हसन कहना नही तो तुम्हारा सिर काट डालूँगी। ’
आगे दो सड़कें थी एक पर लिखा था आगे खतरा है दूसरी पर लिखा था सुरक्षित मार्ग। लड़की ने राजपुत्र से पूछा,‘ किस मार्ग से जाना पसंद करोगे तो राजपुत्र बोला ,‘सुरक्षित मार्ग से। ’राजपुत्र सुरक्षित मार्ग से आगे बढ़ा जबकि लड़की खतरे वाले मार्ग से चलते चलते एक शहर के बाजार में पहुँची ंवहाँ उसने बाजार का सबसे कीमती सामान पूछा वहाँ पता लगा नमक सबसे मँहगा है उसने नमक का व्यापार शुरू किया। वहाँ वह लड़को के कपड़े पहन कर लड़के के वेष में सुल्तान के पुत्र के साथ उसका मित्र बनकर रहने लगी।
लेकिन सुल्तान पुत्र को सदा संदेह रहता था। एक दिन उसने अपनी माँ से कहा हसन के गाल एकदम लड़कियों जैसे चिकने है लेकिन बेटे माँ ने कहा कहीं लड़कियाँ इस प्रकार के व्यापारिक कार्य कर सकती हैं वैसे मैं उसका एक इम्तहान लूँगी अगर वह सफल होता है तो लड़का है असफल तो लड़की। मैं चाय के साथ खजूर दूँगी अगर खजूर दाँत से कुतर कर उसकी गुठली नीचे डाले तो लड़की अगर तोड़ कर खाये गुठली दूर फैंके तो लड़का।
लेकिन चतुर हसन ने खजूर तोड़ा और गुठली दूर फेंक दी। लड़का माँ से बोला,‘ माँ तुम्हारी परीक्षा में हसन सफल हुआ लेकिन फिर भी मैं मानने के लिये तैयार नही हूँ क्योंकि उसके गाल बिल्कुल चिकने हैं’।
‘ अच्छा तो उसे शिकार के लिये ले जाओ अगर शिकार जिन्दा पकड़े तो वह लड़का है नहीं तो लड़की।’।
लड़की ने एक जानवर दूर देखा तेजी से उसके पीछे घोड़ा दोड़ा दिया ।उसका तब तक पीछा किया जब तक कि जीवित पकड़ नही लिया। सुल्तान पुत्र की माँ बोली बेटा यह पुरूष ही है। लेकिन सुल्तान पुत्र को यकीन नही आया तो माँ ने कई अन्य तरह से परीक्षा ली जैसे पेड़ पर चढ़ना पुरूषोंचित ढंग से खाना, कपड़ा पसंद करना आदि लेकिन सबमंे लड़की सफल होती गई तो माँ बोली ,‘अच्छा मैं एक आखिरी परीक्षा लेती हूँ। इसके बाद कोई शक नही रह जायेगा उससे जल में नहाने की कहना।’
सुल्तान पुत्र के नदी में नहाने की इच्छा से लड़की पेरशान हो उठी वह भगवान से प्रार्थना करने लगी हे ईश्वर तुम जानते हो मैने घर किन परिस्थितयों में छोड़ा है तुम मेरी सहायता करना। यह कहकर वह सुल्तान पुत्र के साथ निकली। जैसे ही वह आगे बढ़ी उसके और सुल्तान पुत्र के बीच में बरात आ गई जिस समय सुल्तान पुत्र नही के किनारे पहुँचा वह आखिरी कपड़े पहन रही थी। सुल्तान पुत्र ने फिर से नहाने के लिये कहा तो उसने मना कर दिया कि उसे बुखार आ जायेगा। अब तक लड़़कांे के पास काफी धन एकत्रित हो गया था उसने सबसे विदा ली और सुल्तान पुत्र के पलंग पर लिख कर रख आई एक लड़की की तरह मैं आई लड़की ही मैं जाती हूँ लेकिन कोई भी मुझे पहचान नही पाया पकड़ नही पाया।
सुल्तान पुत्र ने माँ को पत्र दिखाया और कहा मैं उसके घर तक पीछा करूँगा तब पकडूँगा। उधर राज पुत्र एक शहर में गया वहाँ वह जुआ खेलने लगा धीरे धीरे वह सारा रूपया गंवा बैठा बाद में एक सराय में नौकर हो गया। हसन उस शहर से गुजरी और उसी सराय में खाना खाने गई उसने अपने और अपने दासों के लिये खाना मंगाया। जब चचेरा भाई खाना लेकर आया तो उसने पूछा कि वह पहचाना या नही। चचेरा भाई बहुत शर्मिन्दा हुआ। लड़की ने सराय के मालिक से चचेरे भाई को मुक्त करा कर साथ ले जाना चाहा तो सराय मालिक ने कहा कि उसने चचेरे भाई को बहुत सा रूपया उधार दिया है। अगर वह चुका दे तो ले जा सकती है।
रास्ते में अपने सारे दासों के चचेरे भाई के साथ भेज दिया ओर स्वंय अकेले गई। अपने शहर में पहुँचने पर जब लोगें ने राजा के पुत्र को दासों के साथ और लड़की को अकेले आते देखा तो बहुत प्रसन्न हुए और सुल्तान को खबर दे दी।
जब सब लोग दरबार में पहुँचे तो सुल्तान हँस रहा था और लड़की का पिता जोर जोर से रो रहा था। लड़की ने अपना घोड़ा अपने पिता की ओर किया साथ ही सारे गुलाम सारे धन दौलत से लदी गाड़ी भी लड़की के साथ चल दी और सुल्तान पुत्र अकेला ही अपने पिता की ओर बढ़ा। लड़की ने अपने रोते हुये पिता का हाथ अपने हाथ में लिया और कहा पिताजी आपकी बेटी लड़के से कम नही है। यह दृश्य देख सदमें से सुल्तान वही मर गया।
अपने धन से लड़की ने पिता का घर फिर से बनवाया। सुल्तान की मृत्यु के बाद गद्दी बड़े लड़के ने संभाल ली वह चाचा के पास आया कि आपस की शत्रुता पिता के साथ गई। हम सात भाई हैं आपके सात पुत्रियाँ हैं आपस में विवाह कर दीजिये। मैने क्योंकि फातिमा के साथ यात्रा की थी इसलिये में फातिमा से शादी करूँगा।
फातिमा के पिता तो तैयार हो गये लेकिन फातिमा ने इंकार कर दिया बोली ,‘पिताजी यदि मैं शर्त हार गई होती तो क्या ये लोग मुझे जिन्दा छोड़ते इसलिये मैं यह मानने के लिये तैयार नही। उधर सुल्तान का बेटा भी उसके पीछे पीछे पहुँच गया। फातिमा को जैसे ही ज्ञात हुआ है कि सुल्तान पुत्र आया है वह तुरन्त पुरूषों के कपड़े पहन कर आई दोनों बातें करने लगे। बाते करते करते सुल्तान पुत्र ने कहा हसन क्या तुम्हारे देश में लड़के कान में बाली पहनते हैं। फातिमा का हाथ अपने कानों पर चला गया सुल्तान पुत्र हँस पड़ा फातिमा अपनी गलती समझ गई और शर्मिन्दा हो गई।
अब फातिमा का भेद खुल गया और सुल्तान पुत्र ने फातिमा केे पिता से फातिमा का हाथ माँग लिया।
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